मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रैन
मनमोहन कान्हा बिनती करू दिन रैन
रहा टेक मेरे नैन
राह टेक मेरे नैन
अंब तो तरस दे दो कुंजबिहारी
मनवा है बेचेन
मन मोहन कान्हा
विनती करू दिन रैन
स्नेह की डोरी तुम संग जोड़ी
हम से तो नाही जाए ये तोडी
हे मुरलीधर कृष्ण मुरारी (२)
तनिक ना आवे चैन
रह टेक मेरे नैन (२)
अब तो तरस दे दो कुंजबिहारी
मनवा है बेचेन
मन मोहन कान्हा
विनती करू दिन रैन
मनमोहन कान्हा बिनती करू दिन रैन
रहा टेक मेरे नैन
राह टेक मेरे नैन
अंब तो तरस दे दो कुंजबिहारी
मनवा है बेचेन
मन मोहन कान्हा
विनती करू दिन रैन
स्नेह की डोरी तुम संग जोड़ी
हम से तो नाही जाए ये तोडी
हे मुरलीधर कृष्ण मुरारी (२)
तनिक ना आवे चैन
रह टेक मेरे नैन (२)
अब तो तरस दे दो कुंजबिहारी
मनवा है बेचेन
मन मोहन कान्हा
विनती करू दिन रैन
